भारत चीन युद्घ के समयसेना के मोर्चे से गायब कांगडा जिला के एक जवान की लाश मिल गई
48 साल पहले सेना के मोर्चे से गायब कांगडा जिला के एक जवान की लाश मिली
ज्वालामुखी: करीब 48 साल पहले सेना के मोर्चे से गायब कांगडा जिला के एक जवान की लाश मिल गई है। जिसे कल तक उसके परिजनों को सौंप दिया जायेगा। शहीद जवान कर्म चन्द कटोच डोगरा रेजिमेंट में थे। व भारत चीन युद्घ के समय वह अरूणाचल प्रदेश में तैनात थे। लेकिन बाद में रहस्यमय परिस्थितयों में लापता हो गये थे। कांगडा जिला के अंद्रेटा के पास अगोचर गांव में जवान करम चन्द के परिजन रहते हैं। उनके पिता काशमीर सिंह को उन दिनों भारतीय सेना की ओर से ऐक संदेश मिला था कि उनका बेटा युद्घ के दौरान गायब हो गया। लेकिन आज तक भारतीय सेना ने उन्हें पी ओ डब्लयू की सूची में नहीं डाला। उन दिनों करम चन्द कुआरें ही थे यह घटना परिवार के लिये सदमें से कम नहीं थी। १९८५ में शहीद के पिता की मौत हो गई तो उसके पाचं साल बाद ही उनकी माता गायत्री देवी ने दम तोड दिया। तीन दिन पहले ही शहीद के भतीजे जे एस कटोच को भारतीय सेना की ओर से यह सेदंश मिला तो वह अपने आपको रोक नहीं पाये व अरूणाचल रवाना हो गये। बताया जा रहा है कि करम चन्द की लाश सेना को चीन सीमा के पास से मिली है। शहीद के परिजनों ने चार डोगरा रेजिमेंट के कर्नल एस के सिंह की ओर से भी इसकी पुष्टि कर ली है। सेना उनकी लाश को चीनी सीमा से आसाम के तिनसुकिया ला रही है ताकि बाद में आगे भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो शहीद की देह चौदह तारीख से पहले कांगडा में उनके अंन्तिम संस्कार के लिये आ जायेगी। जंसवत को ही यह रस्म निभानी होगी।

Bhagwan Is shaeed ki atma ko shanti de. Aur desh ke saput ko mera NAMAN.
ओह लेकिन 48 साल बाद लाश कैसे मिली और कैसे पहचानी गयी--- आदि बहुत से सवाल मन मे उठ रहे है। भगवान इस जवान की आत्मा को शान्ति दे।